संजय सेन, रायपुर। माध्यमिक शाला के शिक्षक ने लगाया था आरोप शाला परिसर मे ही मनाते थे रंग-रेलिया ।
दो गुटों में शाला के शिक्षकगण, रोजाना होती है लड़ाई, बच्चों के पढ़ाई से चिंतित गांव वालो ने स्कूल परिसर में लगाया था ताला
खरोरा
खरोरा समीपस्थ ग्राम बेलटुकरी प्राथमिक शाला व पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षको के लगातार बढ़ रही लापरवाही से तंग आकर गांव वालो ने ताला लगाकर विरोध किया था, जिसके बाद विधायक अनुज शर्मा और शिक्षा विभाग ने संज्ञान में लेकर तुरंत कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। जिसके बाद जिला शिक्षा रायपुर द्वारा प्राथमिक शाला के शिक्षक जीवन लाल कुर्रे व पद्मिनी साहू और पूर्व माध्यमिक शाला के रेखा चौहान का ट्रांसफर भूमिया, विश्रामपुर, और लखना किया गया।
बेलटुकरी प्राथमिक और माध्यमिक शाला एक ही परिसर मे स्थित है, जिसे गांव की महिला उपसरपंच व गांववालो ने मिलकर ताला लगा लगा दिया। जहाँ सैकड़ो गांव वाले भी शाला परिसर के बाहर पहुंचे थे उनका आरोप था की शिक्षक आपस मे रोजाना लड़ाई करते है और यह लड़ाई पिछले दो सालो से चल रही है जिसके चलते बच्चे भी यही सब सिख रहे और रोजाना घर आकर अपने परिजनों से शिक्षकों की लड़ाई के बारे मे बताते है।
जहाँ बेलटुकरी के प्राथमिक शाला मे 124 विद्यार्थी है वहीं पूर्व माध्यमिक शाला मे 99 विद्यार्थी है। जो शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाते है आज उन्ही के कारण 200 से अधिक बच्चों का भविष्य ख़राब हो रहा है।
गांव के लोगो ने कहा था की शिक्षकों को इस स्कुल से हटाया जाना चाहिए और यहाँ दूसरे शिक्षक भेजना चाहिए अगर शासन ऐसा नहीं कर सकती तो स्कुल बंद कर देने की बात कही थी।