बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की, जिस पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग के साथ करीब ढाई घंटे चली बैठक के बाद केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि अब देश में वोट चोरी ईवीएम के जरिए नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम के माध्यम से वोटर लिस्ट में हेरफेर कर की जा रही है।
अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में TMC के 10 सांसदों ने CEC से मुलाकात कर SIR (Special Intensive Revision) से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की, लेकिन उनका आरोप है कि आयोग उनके सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दे सका। बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की, जिस पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, “मैंने साफ कहा कि उंगली नीचे करके बात करें। आप मनोनीत हैं और हम निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। हम किसी के गुलाम नहीं हैं।” उन्होंने CEC को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है, तो बैठक की CCTV फुटेज सार्वजनिक करें और मीडिया के सवालों का सामना करें।
रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 58 लाख लोगों की सूची बनाई गई है, तो यह स्पष्ट किया जाए कि उनमें कितने अवैध प्रवासी हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई अवैध है, तो TMC भी उन्हें बाहर करने के पक्ष में है, लेकिन झूठा प्रचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के 11 राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल में सबसे कम नाम हटने के बावजूद यहां सबसे ज्यादा सख्ती बरती जा रही है। अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस, AAP और RJD समेत सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वे समझें कि वोट चोरी अब ईवीएम से नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए की जा रही है।
TMC नेता ने दावा किया कि SIR के तहत 1.36 करोड़ मामलों में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ बताई जा रही है, लेकिन चुनाव आयोग ने अब तक इसकी पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है। उन्होंने ECI ऐप में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि दस्तावेज जमा करने के बावजूद नोटिस जारी नहीं हो रहे और सॉफ्टवेयर के जरिए नाम हटाए जा रहे हैं, वह भी AERO की जानकारी के बिना।
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को घंटों फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बैठाया जा रहा है, जो पूरी तरह अमानवीय है।