प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज स्ट्रीट पर एकत्र हुए और अमित शाह के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे लगाए। अचानक हुए इस प्रदर्शन से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज स्ट्रीट पर एकत्र हुए और अमित शाह के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे लगाए। अचानक हुए इस प्रदर्शन से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओडिशा में बंगाली प्रवासी मजदूर ज्वेल राणा की हत्या और देश के विभिन्न हिस्सों में बांग्ला भाषी लोगों को कथित रूप से परेशान किए जाने के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री की चुप्पी के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ओडिशा में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद बंगाली मजदूर की जान नहीं बचाई जा सकी।
बुधवार को जब अमित शाह का काफिला कॉलेज स्ट्रीट स्थित कोलकाता विश्वविद्यालय के पास से होते हुए थंतानिया कालीबाड़ी की ओर बढ़ रहा था, उसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और गृह मंत्री का पुतला भी फूंका। शुभंकर सरकार सहित कई कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। प्रदर्शनकारियों को काफिले से काफी दूर रोक लिया गया, जिससे अमित शाह के मार्ग में किसी तरह की बाधा न आए। पुलिस की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री का रवैया बंगाल और बांग्ला भाषा के प्रति नकारात्मक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमित शाह द्वारा महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर को गलत नाम से संबोधित करना बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का अपमान है, जिसे कांग्रेस ने अत्यंत अस्वीकार्य बताया है।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 दिसंबर से पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनका यह दौरा राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। इस बीच कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन केंद्र और राज्य के बीच सियासी टकराव को और तेज करता नजर आ रहा है।