बहादुरिबंडी गांव स्थित सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बीरप्पा अंडागी ने अपने विद्यार्थियों को ऐसा अनुभव दिया, जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
कोप्पल (कर्नाटक)। कर्नाटक के कोप्पल जिले से शिक्षा के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। बहादुरिबंडी गांव स्थित सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बीरप्पा अंडागी ने अपने विद्यार्थियों को ऐसा अनुभव दिया, जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। गांव के बच्चों को पहली बार हवाई यात्रा कराने के लिए उन्होंने अपनी निजी बचत से करीब 5 लाख रुपये खर्च किए।
प्रधानाध्यापक बीरप्पा अंडागी की पहल पर कक्षा 5 से 8 तक के 24 विद्यार्थियों को तोरणगल्लू स्थित जिंदल एयरपोर्ट से बेंगलुरु तक विशेष विमान से यात्रा कराई गई। इस शैक्षणिक भ्रमण में शिक्षकों, मिड-डे मील स्टाफ और स्कूल विकास एवं निगरानी समिति (SDMC) के सदस्यों को भी शामिल किया गया, जिससे कुल यात्रियों की संख्या लगभग 40 रही।
इस खास यात्रा के लिए विद्यार्थियों का चयन एक विशेष परीक्षा के आधार पर किया गया। कक्षा 5 से 8 तक प्रत्येक कक्षा के टॉप 6 छात्रों को इस अवसर के लिए चुना गया। कई छात्रों के लिए यह पहली बार था, जब वे विमान में बैठे। इससे पहले वे केवल आसमान में उड़ते जहाज ही देखा करते थे, ऐसे में यह अनुभव उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा रहा।
बेंगलुरु पहुंचकर बच्चों ने दो दिन का शैक्षणिक और शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा किया, जिससे उन्हें गांव से बाहर की दुनिया को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला।
प्रधानाध्यापक बीरप्पा अंडागी की इस अनोखी पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।