इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है और 11 अन्य घायल हुए हैं।
काबुल (अफगानिस्तान)। अफगानिस्तान के कई प्रांतों में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और बर्फबारी के कारण अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के प्रवक्ता हाफिज़ मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने गुरुवार (2 जनवरी 2026) को बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है और 11 अन्य घायल हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत
बाढ़ ने निम्नलिखित प्रांतों को बुरी तरह प्रभावित किया है
कपिसा
परवान
दयकुंडी
उरुज़गान
कंधार
हेलमंद
बदघीस
फरयाब
बदख्शां
हेरात
फराह
नुकसान का आंकड़ा
1,859 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
209 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बह गईं।
1,200 से अधिक पशु मारे गए।
13,941 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न या नष्ट हो गई।
सूखे का अंत, लेकिन तबाही
अफगानिस्तान में पिछले कई वर्षों से गंभीर सूखे की स्थिति थी, जिसके कारण कृषि और पशुपालन बुरी तरह प्रभावित था। इस बारिश और बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे को खत्म कर दिया, लेकिन अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर संपत्ति और जान-माल का नुकसान पहुंचाया। प्रवक्ता ने कहा कि यह मौसम की पहली बड़ी बारिश थी, जो राहत के साथ-साथ तबाही लेकर आई।
राहत और बचाव कार्य जारी
एनडीएमए ने सबसे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। टीमों ने जायजा लिया है और प्रभावित लोगों की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन भी मदद पहुंचाने में जुटे हैं।
यह घटना अफगानिस्तान में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है, जहां सूखा और अचानक बाढ़ दोनों ही लोगों के लिए चुनौती बन रहे हैं। सरकार ने राहत कार्यों को प्राथमिकता दी है और आगे के मौसम की निगरानी बढ़ा दी है।