तिरुपति के बाद सिम्हाचलम मंदिर का प्रसाद विवादों में, पुलिहोरा पैकेट में घोंघा मिलने का दावा

Date: 2026-01-02

आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सिम्हाचलम स्थित श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर के प्रसादम को लेकर नया विवाद सामने आया है।

news-banner
विशाखापत्तनम। तिरुपति मंदिर के प्रसाद में जानवर की चर्बी मिलने के विवाद के बाद अब दक्षिण भारत के एक और प्रमुख मंदिर का प्रसाद सवालों के घेरे में आ गया है। आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सिम्हाचलम स्थित श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर के प्रसादम को लेकर नया विवाद सामने आया है। गोपालपट्टनम पुलिस ने उस वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है, जिसमें एक कपल ने मंदिर से मिले पुलिहोरा (इमली चावल) के पैकेट में एक छोटा घोंघा निकलने का दावा किया है।

कपल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपल ने पैक किए गए प्रसाद के अंदर घोंघा दिखाने का दावा किया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने यह बात मंदिर कर्मचारियों को बताई तो कर्मचारियों ने बिना कोई जवाब दिए प्रसाद का पैकेट वापस ले लिया। वीडियो के वायरल होते ही मंदिर प्रशासन की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर प्रशासन ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

मंदिर प्रशासन ने जताई साजिश की आशंका

मंदिर की कार्यकारी अधिकारी (ईओ) और उप आयुक्त एन. सुजाता ने कहा कि यह वीडियो मंदिर की छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि मंदिर की रसोई पूरी तरह स्वचालित है और वहां उच्च स्तर की स्वच्छता प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे किसी बाहरी वस्तु के प्रसाद में जाने की संभावना बेहद कम है।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। किचन मशीनरी, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयान खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रसाद में वास्तव में कोई बाहरी वस्तु मिली थी या नहीं।

विपक्ष ने उठाए सवाल

ईओ सुजाता ने यह भी बताया कि जिस दिन यह कथित घटना हुई, उस दिन करीब 15 हजार पुलिहोरा पैकेट श्रद्धालुओं में वितरित किए गए थे, लेकिन किसी अन्य भक्त ने ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। इस बीच मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्षी दलों ने मंदिर प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा है कि भक्तों पर मामला दर्ज करने के बजाय प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

Share It On:

Leave Your Comments