‘रामभद्राचार्य अंधे हैं इसलिए उन्हें नहीं दिखता कि राहुल गांधी…’ कांग्रेस नेता ने क्यू दिया ऐसा बयान, जानें पूरा मामला

Date: 2026-01-02

महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस नेता नाना पटोले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना भगवान श्रीराम से कर दी। इस बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाना पटोले को “चाटुकार” बताया और उ

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महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस नेता नाना पटोले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना भगवान श्रीराम से कर दी। इस बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाना पटोले को “चाटुकार” बताया और उनकी टिप्पणी को तुच्छ करार दिया। वहीं, रामभद्राचार्य के इस बयान पर नाना पटोले ने भी पलटवार करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी के काम को इसलिए नहीं देख पा रहे, क्योंकि “अंधे हैं।”

दरअसल, राहुल गांधी के राम मंदिर न जाने को लेकर उठे सवालों पर नाना पटोले ने कहा था कि भगवान राम हर किसी के दिल और विचारों में बसते हैं। उन्होंने कहा कि शोषित, पीड़ित और कमजोर वर्गों की सेवा करना और उन्हें न्याय दिलाना भगवान श्रीराम का कार्य था, और आज वही काम राहुल गांधी कर रहे हैं।

नाना पटोले के इस बयान पर नागपुर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और राहुल गांधी की तुलना करना उचित नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या जुगनू की तुलना सूर्य से की जा सकती है?” रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि राहुल गांधी क्या काम कर रहे हैं, यह तो भगवान ही जानते हैं। इसी दौरान उन्होंने बांग्लादेश के हालात पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां हिंदुओं की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि हिंदुओं के समर्थन से ही बांग्लादेश का गठन हुआ था। उन्होंने इस मुद्दे पर भारत सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की।

इस विवाद में भाजपा भी कूद पड़ी। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने नाना पटोले के बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस राजनीतिक परिवार ने भगवान राम को काल्पनिक बताया, राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और प्राण प्रतिष्ठा को “नाच-गाना” कहा, उसी विचारधारा के लोग आज प्रभु श्रीराम से तुलना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नाना पटोले ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है।

रामभद्राचार्य के बयान पर नाना पटोले ने जवाब देते हुए कहा कि वे उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं करेंगे, क्योंकि वे एक बड़े और सम्मानित संत हैं। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि राहुल गांधी किसानों, गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पटोले ने कहा कि कुछ लोग राहुल गांधी के काम को देख नहीं पाते और सच्चाई को समझने में असमर्थ हैं।

नाना पटोले ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और अन्य पदयात्राओं की तुलना भगवान राम के वनवास से भी की। उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक और मणिपुर से मुंबई तक की यात्राएं केवल राजनीतिक नहीं थीं, बल्कि शोषित और पीड़ित लोगों की आवाज उठाने का माध्यम थीं। पटोले ने कहा कि जैसे भगवान राम को अपने जीवन में कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करना पड़ा, उसी तरह राहुल गांधी भी आज संघर्ष कर रहे हैं।

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