गुरमीत राम रहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल....

Date: 2026-01-04

बलात्कार और हत्या के मामलों में सजा काट रहे डेरा प्रमुख सिरसा आश्रम में रहेंगे, प्रशासन रखेगा निगरानी

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रोहतक । दो साध्वियों से बलात्कार और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल मिल गई है। हरियाणा सरकार द्वारा बुधवार शाम इसकी मंजूरी दिए जाने के बाद उन्हें रोहतक की सुनारिया जेल से रिहा कर दिया गया है। यह 2017 में जेल जाने के बाद से उनकी 15वीं पैरोल/फरलो है और नए साल 2026 की यह पहली रिहाई है।

पैरोल पर सख्त शर्तें, सिरसा डेरा में रहने की अनुमति
जानकारी के अनुसार, पैरोल पर रिहाई की कल शाम मंजूरी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी की। पैरोल के दौरान राम रहीम को तय शर्तों का पालन करना होगा। उन्हें सिरसा स्थित डेरा परिसर में ही रहने की अनुमति है और वह बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक आयोजन में भाग नहीं ले सकेंगे। प्रशासन की ओर से उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

2025 में तीन बार बाहर आए थे, विवादों से घिरा रहा है मामला
पिछले साल 2025 में भी राम रहीम तीन बार पैरोल/फरलो पर जेल से बाहर आ चुके हैं – जनवरी में 30 दिन की पैरोल, अप्रैल में 21 दिन की फरलो और नवंबर में 40 दिन की पैरोल। उनकी बार-बार की रिहाई राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद का विषय बनी हुई है। आलोचकों का आरोप है कि एक गंभीर अपराधी को बार-बार रिहाई देना कानून के शासन और न्याय की भावना के खिलाफ है।

2017 से जेल में, दो मामलों में सजा
गुरमीत राम रहीम अगस्त 2017 से जेल में हैं। साध्वियों से बलात्कार के मामले में उन्हें 20 साल की उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया गया है और उस मामले में भी सजा सुनाई जा चुकी है। इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उनकी लगातार रिहाई पर पीड़ितों के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ता सवाल उठाते रहे हैं।

इस बार की रिहाई के साथ ही फिर से यह बहस तेज होने की आशंका है कि क्या गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्ति को बार-बार पैरोल देना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है या फिर यह उनके कानूनी अधिकार का हिस्सा है।

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