लातूर दौरे के दौरान बूथ प्रमुखों और पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए रवींद्र चव्हाण ने कहा कि इस शहर से विलासराव देशमुख की यादें हमेशा के लिए मिट जाएंगी।
महाराष्ट्र के लातूर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के एक बयान ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। लातूर दौरे के दौरान बूथ प्रमुखों और पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए रवींद्र चव्हाण ने कहा कि इस शहर से विलासराव देशमुख की यादें हमेशा के लिए मिट जाएंगी। उनके इस बयान के सामने आते ही विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख को लेकर दिए गए इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने इसे अत्यंत निंदनीय, अहंकार से भरा और द्वेषपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लातूर में विलासराव देशमुख की स्मृतियां मिटाने की बात करना घोर अहंकार का प्रतीक है।
सचिन सावंत ने धार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने भी रावण वध के बाद यह संदेश दिया था कि अब किसी से बैर नहीं, क्योंकि वह जीवित नहीं है। यह संदेश पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि विलासराव देशमुख सिर्फ लातूर ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे और उनकी स्मृतियां कभी मिटाई नहीं जा सकतीं।
रवींद्र चव्हाण के बयान के बाद लातूर की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। कांग्रेस ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से राजनीतिक स्तर गिरता है और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। बीएमसी समेत राज्य की 29 नगर निगमों के चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति और सियासी समीकरण साधने में जुटे हैं। ऐसे में रवींद्र चव्हाण का यह बयान बीजेपी के लिए कितना फायदेमंद या नुकसानदेह साबित होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।